लखनऊ, जून 23 -- बिजली महापंचायत में हुए फैसले के बाद जेल भरो आंदोलन के लिए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी परियोजना मुख्यालयों पर सोमवार को सभाएं करके बिजली कर्मचारियों को महापंचायत के निर्णय की जानकारी दी गई। उनसे अपील की गई है कि अगर सरकार निजीकरण के फैसले पर आगे बढ़ती है तो महापंचायत में पारित प्रस्ताव के मुताबिक आंदोलन आगे बढ़ेगा। सभी तैयार रहें। उन्हें यह भी बताया गया कि न केवल बिजली कर्मचारी बल्कि सभी ट्रेड यूनियन, किसान, किसान और उपभोक्ता भी निजीकरण के खिलाफ एकजुट हैं। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि निजीकरण के विरोध में चलने वाले सामूहिक जेल भरो आंदोलन में हर जिले में सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, किसानों और उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसक...
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