मुंगेर, जुलाई 4 -- मुंगेर, हिन्दुस्तान संवाददाता। शिक्षा के क्षेत्र में विकास की बातें चाहे जितनी हो रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। इसका जीवंत उदाहरण है जेएमएस कॉलेज, मुंगेर, जो आज भी प्रशासनिक भवन जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। स्थिति यह है कि कॉलेज का पुस्तकालय कक्ष ही प्राचार्य, शिक्षक एवं कार्यालय कार्यों के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। जिससे न केवल शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, बल्कि प्रशासनिक कार्य भी अव्यवस्थित हो जाते हैं। पुस्तकालय बना प्रशासनिक केन्द्र - कॉलेज में प्रशासनिक भवन न होने के कारण प्राचार्य एवं अन्य शिक्षक लाइब्रेरी रूम में ही बैठते हैं। यही कमरा कार्यालय, शिक्षक-कक्ष और प्राचार्य कक्ष के रूप में प्रयुक्त होता है। इससे पढ़ाई और प्रशासन, दोनों प्रभावित हो रहे हैं। बारिश में भीगते हैं जरूरी दस...
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