देवरिया, अगस्त 10 -- देवरिया, निज संवाददाता। मानसून ने जून-जुलाई में किसानों को निराश किया, लेकिन अगस्त महीने ने खूब साथ दिया है। इस महीने की बरसात धान समेत खरीफ की सभी फसलों के लिए वरदान साबित होगी। इससे सभी फसलों की बढ़वार तेज होगी। मानसून के सक्रिय होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बरसात के साथ ही यूरिया की डिमांड भी बढ़ गयी है। इस साल जून व जुलाई में मानसून ने किसानों को निराश किया। दो-चार दिन की बरसात के बाद मानसून दगा दे दिया। इससे तीखी धूप में किसानों की फसलें सूखने लगी। फसल बचाने को किसान पंपसेट से सिंचाई करने लगे। डीजल महंगा होने के चलते सबके बस की पंपसेट से सिंचाई नहीं थी। लेकिन कुछ दिन पहले मौसम का मिजाज बदला गया और मानसून सक्रिय हो गया है। एक-दो दिन के अंतराज पर रूक-रूक कर बरसात होने लगी। शनिवार की सुबह से बादल उमड़ते रहे,...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.