औरंगाबाद, सितम्बर 15 -- भारत सरकार के जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के जीएम कल्याण कुमार मजूमदार ने भखरुआं बाजार रोड स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि दाउदनगर और आस-पास का क्षेत्र जूट की खेती के लिए अत्यंत अनुकूल है। यहां की मिट्टी और जलवायु इस फसल के लिए उपयुक्त मानी जाती है। करीब 40-50 वर्ष पहले इस क्षेत्र में जूट की खेती होती थी लेकिन लंबे समय से यह परंपरा बंद हो गई थी। मजूमदार ने बताया कि उत्तर बिहार में जूट की खेती होती रही है, लेकिन पद्धति में बदलाव की आवश्यकता सरकार को महसूस हुई। इसी क्रम में इस वर्ष दक्षिण बिहार में खलिहान सोसायटी के सहयोग से जूट की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसे तब बोया जाता है, जब खेत अक्सर खाली रहते हैं। ऐसे समय में किसान अतिरिक्त फसल लेकर अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस इल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.