बेगुसराय, जनवरी 31 -- गढ़पुरा, एक संवाददाता। बाबा हरिगिरिधाम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने भाग लेकर भागवत कथा का श्रवण किया। व्यास पीठ से पंडित वैदेही शरण जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा सप्तदिवसीय ही क्यों होती है। उन्होंने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि प्रथम बार राजा परीक्षित ने सुखदेव जी के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया था। परीक्षित शब्द की व्याख्या करते हुए व्यास जी ने कहा कि इस पृथ्वी पर जितने भी मनुष्य हैं वे सभी परीक्षित हैं। परीक्षित का अर्थ है-जो दूसरे के द्वारा रक्षित होता है। चूंकि हम सभी किसी न किसी रूप में एक-दूसरे पर आश्रित और सुरक्षित हैं। इसलिए हम सभी परीक्षित हैं। व्यास जी ने यह भी बताया कि हमा...
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