पटना, फरवरी 7 -- ग्रामीण महिलाओं की ओर से उत्पादित अचार, पापड़, सिलाई-कढ़ाई के साथ हस्तशिल्प को सीधा बाजार मिले, इसके लिए राज्य भर की जीविका दीदियां आठ हजार 566 सी-मार्ट चला रही हैं। सी-मार्ट (स्वयं सहायता उद्यम मार्ट) के माध्यम से जीविका दीदियां अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। सी-मार्ट में छोटी किराने की दुकान खोल कर आज वे लखपति दीदी बन गयी हैं। इसको देखते हुए जिला स्तर पर और भी सी-मार्ट बनाने की योजना बनाई जा रही है। केंद्रीय बजट में सी-मार्ट की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया है। ग्रामीण महिलाओं को बाजार देने और उनके उत्पाद को उचित मूल्य मिलने के लिए सी-मार्ट की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे राज्य की जीविका दीदियों के उत्पाद को स्थानीय के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगा। जीविका दीदियों को सीधा बाजार उपलब्ध होगा, जिससे वह खुद ही अपना कारो...