सहरसा, अगस्त 18 -- सहरसा। गायत्री शक्तिपीठ में रविवार को सत्र को डा. अरुण कुमार जायसवाल ने संबोधित करते हुए युवाओं कहा आज मनुष्य के पास बचा है सिर्फ उसकी उलझन उसकी व्यथा है। उसके भीतर चलने वाला द्वंद्व यह चिर शाश्वत है। मनुष्य अपने विचारों का पर्याय है विचार ही उसकी व्यथा है और विचार ही उसकी संपदा विचार ही उसकी विशेषता है। उन्होंने कहा गायत्री मंत्र के जपने से लौकिक एवं आध्यात्मिक लाभ अनेक सद्बुद्धि एवं आत्म बल की प्राप्ति धन यश की प्राप्ति होने के साथ-साथ ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है। जन्माष्टमी के महत्व को बताते हुए कहा जीवन में उत्सव का मतलब होता है उल्लास। पर्व का मतलब होता है प्रकाश। हमारा जीवन खुशियों से भरा हो इसलिए उत्सव मनाते है। दूसरे सत्र में जिला समन्वक की बैठक हुए जिसमें अखण्ड ज्योति पाठक सम्मेलन एवं अखण्ड ज्योति युग निर्माण...
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