घाटशिला, दिसम्बर 31 -- धालभूमगढ़, संवाददाता। नरसिंहगढ़ की पावन भूमि पर चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत पुराण कथा का बुधवार को विश्राम दिवस था। कथा वाचक विजय गुरुजी ने सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष व श्री सुखदेव जी की कथा का रसपान श्रोताओं को कराया। कथा वाचक ने बताया जीवन में यदि मित्रता करनी है तो सुदामा की तरह करें, जो अत्यंत गरीबी में भी निस्वार्थ मित्रता, आत्मसम्मान से परिपूर्ण त्याग और भगवत प्रेमी थे। उन्होंने गरीबी ही नहीं अति निर्धनता में भी भगवान से कभी शिकायत नहीं की थी। पत्नी के कहने पर अपने मित्र द्वारकाधीश से मिलने गए। मगर कुछ मांगे नहीं और भगवान कृष्ण ने उन्हें अतुलनीय धन संपदा प्रदान कर दिया, जो उनके सच्ची भक्ति और कृष्ण की असीम कृपा को दर्शाता है। सुदामा के चरित्र के माध्यम से कथावाचक ने भक्तों के बीच संदेश दिया सच्ची भक्ति ...
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