प्रयागराज, दिसम्बर 10 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के सभागार में बुधवार को पांच दिवसीय प्रवीण स्मृति नाट्य महोत्सव का शुभारंभ हुआ। बिहार की चर्चित रंग संस्था प्रवीण सांस्कृतिक मंच की ओर से पहले दिन जयशंकर प्रसाद की कहानी पर आधारित नाटक 'गुंडा' का मंचन किया गया। नाट्य निर्देशक बिजयेंद्र कुमार टॉक निर्देशित नाट्य मंचन के जरिए कलाकारों ने 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में काशी की पृष्ठभूमि पर केंद्रित एक ऐसे गुंडे की कहानी कहता है, जिसके लिए बलिदान, त्याग व तपस्या ही जीवन के सर्वोपरि मूल्य थे। बाबू नन्हाकू सिंह जिसे लोग गुंडा के नाम से बुलाते थे, उसे नौटंकी व अभिनय का भी बड़ा शौक था। वर्ष 1781 में काशी डॉक्टर डॉल आंदोलन शुरू हुआ। काशी नरेश चैट सिंह को उनकी माता पन्ना सहित कैद कर लिया जाता। तब गुंडा अकेले ही अंग्रेजों से...