अयोध्या, नवम्बर 7 -- बीकापुर। चरांवा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य धरणीधर ने कहा भागवत कथा भक्ती,वैराग्य,ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। कलयुग की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि कलयुग में मानस पुण्य तो सिद्ध होते हैं। परंतु मानस पाप नहीं होते। कलयुग में हरी नाम से ही जीव का कल्याण हो जाता है। कलयुग में ईश्वर का नाम ही काफी है। सच्चे हृदय से हरि नाम के सुमिरन मात्र से कल्याण संभव है। श्रीमद्भागवत कथा,ऐसी कथा है,जो जीवन को उद्देश्य एवं दिशा को दिखाती है। ---
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