मधेपुरा, जनवरी 1 -- मधेपुरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जीवनांक सांख्यिकी को लेकर पदाधिकारियों व कर्मियों का क्षमतावर्द्धन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जीवनांक सांख्यिकी प्रशिक्षण का शुभारंभ डीडीसी अनिल बसाक ने किया। मौके पर उन्होंने जीवनांक का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की जिन्दगी को परिभाषित करने के लिए जन्म और मृत्यु दो प्रमुख घटनाएं है। यह न केवल व्यक्ति के वैद्यानिक अस्तित्व को दर्शाती है बलिक इन घटनाओं का पंजीकरण, उस जनसंख्या का मुख्य आधारभूत सूचना स्त्रोत है जिसका वह हिस्सा है। नागरिक पंजीकरण जीवनांक घटनाओं के घटित होने और उनके लक्षणों का अनिवार्य अभिलेखन है। जन्म, मृत्यु और मृत-जन्म घटनाओ के रजिस्ट्रीकरण से संबंधित आंकड़े जीवनांक सांख्यिकी कहलाता है। उन्होंने कहा कि जिला अंतर्गत कुल 181 रजिस्ट्रीकरण इकाई...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.