नई दिल्ली, दिसम्बर 14 -- अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईएटीए) ने कहा कि विमानों में दिशा-निर्देशन प्रणाली से जुड़े जीपीएस संकेतों में छेड़छाड़ और बाधा डालने की घटनाओं में बढ़ोतरी एक गंभीर चिंता का विषय है और ऐसे में पायलटों को अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। आईएटीए विश्व की लगभग 360 विमानन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है, जिनके माध्यम से वैश्विक हवाई यातायात का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संचालित होता है। इस संगठन में एयर इंडिया, इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट जैसी भारतीय एयरलाइन भी शामिल हैं। हाल के दिनों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अमृतसर, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई हवाई अड्डों पर भी विमानों के जीपीएस संकेतों में छेड़छाड़ और हस्तक्षेप की घटनाएं सामने आई हैं। यह चिंता का विषय इस सप्ताह जिनेवा में आयोजित बैठकों के दौरान आ...
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