नई दिल्ली, फरवरी 23 -- क्या बचपन का मोटापा सिर्फ खान-पान की देन है या हमारे डीएनए में ही इसकी कहानी लिखी जा चुकी है? ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड विश्वविद्यालय का यह ताजा अध्ययन इसी गुत्थी को सुलझाता है। रिसर्च का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि 10 साल की उम्र हमारे भविष्य की सेहत का वह 'टर्निंग पॉइंट' है, जहां जीन तय कर देते हैं कि आगे चलकर हमें डायबिटीज, उच्च कोलेस्ट्रॉल या दिल की बीमारियां घेरेंगी या नहीं। निकोल वारिंगटन और उनकी टीम ने अपने अध्ययन में यह साबित कर दिया है कि 1 से 18 साल के बीच बच्चे की विकास दर (Growth Rate) महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उसके शरीर का वह बायोलॉजिकल ब्लूप्रिंट है जो बुढ़ापे तक की बीमारियों का संकेत दे देता है। यह भी पढ़ें- अनियमित पीरियड्स हो या हार्मोनल असंतुलन, ओवरी हेल्थ को बूस्ट करते हैं 6 फूड वारिंगटन कहते ...