धनबाद, जनवरी 11 -- धनबाद, वरीय संवाददाता आदिवासियों का सबसे बड़े त्योहारों में से एक सोहराय शनिवार को धूमधाम से पारंपरिक तरीके से मनाया गया। जिलेभर में संताली समाज के लोगों ने अपने आदि पुरुष मरांगबुरू को स्मरण किया, उनकी आराधना की। शहर के आदिवासी बहुल क्षेत्र दामोदरपुर और तेलीपाड़ा सोहराय के गीतों से गूंज रहा। पूरे दिन ढोल नगाड़े और मांदर की थाप आदिवासी युवक-युवतियों का नृत्य देखते ही बन रहा। पौष मास की बुधवार को इस त्यौहार की शुरुआत हुई। प्रकृति पर्व सोहराय विशेषकर पांच दिनों तक तक मनाया जाता है। तीन दिन विशेष अनुष्ठान होते हैं, जिसमें सोनोत संताल समाज ग्राम देवता, खेत-खलिहान और मवेशियों की अलग-अलग पूजा करते हैं। शनिवार को चौथे दिन जालेय पूजा हुई। इस मौके पर पूरे टोला को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। घरों की दीवारों पर पारंपरिक आदिवासी कला...
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