पलामू, दिसम्बर 10 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। जीएलए कॉलेज में एनएसएस इकाई की ओर से बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मानवाधिकारों के महत्व, व्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता और मानव गरिमा की रक्षा जैसे मूल मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ लीना कुमारी ने कहा कि मानवाधिकार प्रत्येक व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है और इसके संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए। विशिष्ट अतिथि हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ विभा शंकर ने कहा कि मानवाधिकार दिवस पर सहसा ही डॉ मदन मोहन मालवीय का प्रिय श्लोक का स्मरण हो जाता है। जिसमें न मुझे स्वर्ग की कामना है न तो फिर पुनर्जन्म की कामना है न ही मुक्ति की कामना है। बल्कि दुख से संतप्त जन की पीड़ा के नास करने की कामना हैं। हमें स्वयं के अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होन...