बगहा, मई 8 -- बेतिया। जीएमसीएच में वन तैयार है। अन्य सुविधाएं भी हैं, लेकिन इलाज करने वाले डॉक्टर और कर्मियों की भारी कमी है। साथी सभी तरह की दवा भी यहां उपलब्ध नहीं है। ऐसे में युद्ध के हालात हुए और आपात स्थिति बनी तो पश्चिम चंपारण जिले में इलाज संभव नहीं है। अधीक्षक डॉक्टर सुधा भारती ने ने बताया कि स्टाफ की कमी के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने बेहतर उपचार की व्यवस्था कर रखी थी। अगर आज किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है तो अस्पताल के चिकित्सक व कर्मचारी उसे तुरंत संभाल लेंगे। बी ब्लॉक में छह मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर भी संचालित हो रहे हैं । अस्पताल में 13 सर्जन भी तैनात हैं। जीवन रक्षक दवाई की कोई कमी नही है । ओपीडी में 346 प्रकार की दवा होती है, जिसमे 104 प्रकार की ही दवा उपलब्ध है। वहीं आईपीडी में 254 प्रकार की दवाएं होनी चाहिए। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.