पटना, फरवरी 18 -- कांग्रेस से निकाले जाने पर पूर्व विधायक छत्रपति यादव और पूर्व प्रवक्ता आनंद माधव ने कहा है कि जिसका मनोनयन ही गलत हो वे कैसे दल से हमें निकाल सकते हैं। अनुशासन समिति का गठन एआईसीसी महासचिव (संगठन) के हस्ताक्षर से होता है, जिसके परंपरागत रूप से पांच सदस्य होते हैं। वर्तमान समिति में इनमें से दोनों का पालन नहीं हुआ है। दूसरी ओर पार्टी का संविधान यह कहती है कि एआईसीसी सदस्यों का निष्कासन और मनोनयन एआईसीसी ही कर सकती है, जो संगठन महासचिव के हस्ताक्षर से होगा। ऐसे में कपिलदेव यादव ने जो निष्कासित किया है, वह गलत है और उसका कोई आधार नहीं है। हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं। आरोप लगाया कि ये लोग पार्टी संविधान का पालन नहीं कर रहे और स्वयं को पार्टी के संविधान से ऊपर समझते हैं।
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