हमीरपुर, जनवरी 2 -- बिवांर, संवाददाता। पांच दिवसीय सत्संग, रामकथा, संत सम्मेलन में प्रयागराज से आए कथावाचक ने भगवान राम की कथा का वर्णन किया। इस दौरान पंडाल में खूब भीड़ रही। क्षेत्र के गांव उमरी में शाश्वत शांति इंटर कॉलेज परिसर में पांच दिवसीय सत्संग अखंड रामायण का आयोजन पं.राजेश शुक्ला की देखरेख में संपन्न हुआ। शुक्रवार को सत्संग के पहले दिन प्रधानाचार्य अनिल कुमार पालीवाल ने संतों को माला पहनाकर स्वागत किया। प्रयागराज से आए मानस मर्मज्ञ तुलसी किंकर महाराज ने बताया कि शाश्वत का मतलब है जिसका कभी अंत न हुआ है शाश्वत आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी यह सभी शाश्वत है, जो इस सृष्टि से पहले भी विद्यमान थे और सृष्टि के बाद भी विद्यमान रहेंगे। जब इस सृष्टि का निर्माण हुआ तो ब्रह्मा जी को यह पांच चीज दी गई परंतु बिना अशाश्वत के दुनिया का निर्माण स...