बांका, अक्टूबर 14 -- बांका, निज प्रतिनिधि। राजनीतिक दल महिलाओं के आरक्षण की बात करते हुए उसे आधी आबादी बताते हैं। लेकिन बात जब नेतृत्व की हो तो उनका भरोसा डगमगा जाता है और महिलाओं की भूमिका सिमट जाती है। जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में अब तक मात्र पांच बार ही महिलाओं के सिर विधायकी का ताज सजा है। इसमें बांका व बेलहर से एक-एक तो कटोरिया से तीन बार महिला उम्मीदवार जीत कर विधानसभा पहुंची हैं। इसमें 1957 में बेलहर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की ओर से चुनाव लडने वाली महिला प्रत्याशी विंध्यवासनी देवी चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंची थी। इन्होंने 1963 में हुए उपचुनाव भी जीते थे। वहीं,1962 के विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर कंपा मुर्मू ने विधानसभा चुनाव में अपनी जीत दर्ज की थी। इनके बाद 2015 में कटोरिया विधानसभा क्षेत्र से राजद क...
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