सराईकेला, फरवरी 19 -- सरायकेला, संवाददाता । शिक्षा के स्तर को सुधारने के दावों के बीच एक कड़वी सच्चाई सामने आई है। जिले के कुल 52 प्लस टू विद्यालयों में से केवल 3 स्कूलों को ही आधुनिक प्रयोगशालाओं से लैस किया गया है। शेष 49 स्कूलों में या तो लैब के नाम पर सिर्फ कमरे हैं या वहां रखे उपकरण धूल फांक रहे हैं। प्रयोगों के बिना विज्ञान की शिक्षा महज किताबी बनकर रह गई है। अधिकतर सरकारी प्लस टू स्कूलों में प्रयोगशालाओं का बुनियादी ढांचा अभी भी चुनौतियों से जूझ रहा है। जिले के लगभग 65% प्लस टू स्कूलों में भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान की अलग-अलग और सुसज्जित प्रयोगशालाएं नहीं हैं। अधिकतर सामान्य प्लस टू स्कूलों में लैब की स्थिति जीर्ण-शीर्ण है। भौतिकी और रसायन विज्ञान के प्रैक्टिकल के लिए आवश्यक बर्नर, टेस्ट ट्यूब और सूक्ष्मदर्शी जैसी बुनियादी चीजें ...
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