औरंगाबाद, जून 9 -- जिले में 17200 हेक्टेयर भूमि पर धान की नर्सरी लगाने का लक्ष्य है, लेकिन उपलब्धि लगभग शून्य है। रोहिणी नक्षत्र, जो धान की नर्सरी के लिए उपयुक्त समय है, समाप्त हो चुका है। मृगशिरा नक्षत्र चल रहा है, लेकिन सिंचाई सुविधाओं की कमी के कारण किसान नर्सरी नहीं लगा पा रहे हैं। किसान मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। भूजल स्तर नीचे जाने और बोरिंग फेल होने से नर्सरी की तैयारी रुकी हुई है। नहरों में पानी की आपूर्ति में भी देरी हो रही है। जिला कृषि कार्यालय के अनुसार औरंगाबाद प्रखंड में 1400 हेक्टेयर, बारुण प्रखंड में 1700 हेक्टेयर, ओबरा प्रखंड में दो हजार हेक्टेयर, दाउदनगर प्रखंड में 12 सौ हेक्टेयर, हसपुरा प्रखंड में एक हजार हेक्टेयर, गोह प्रखंड में 16 सौ हेक्टेयर, रफीगंज प्रखंड में 18 सौ हेक्टेयर, मदनपुर प्रखंड में एक हजार हेक्टे...
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