बगहा, मार्च 4 -- देश की सुरक्षा के लिए सरहदों पर अपनी जान की बाजी लगाने वाले सेना के जवान और ऑफिसरों को सेवानिवृत्ति के बाद कई समस्याओं से जूझना होता है। कई तरह की सुविधा और सम्मान के वह हकदार हैं, लेकिन सुविधा नहीं मिल रही है। इनकी जमीन पर माफिया की नजर है। असामाजिक तत्व उन्हें बात-बात पर धमकी देते हैं। शिकायत के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं करती है। अन्य जिलों में मिलने वाली सुविधाएं उन्हें पश्चिम चंपारण जिले में नहीं मिल रही है। सैनिकों का मुख्य मुद्दा है कि पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण जिले को बंटे 50 साल से अधिक हो गए पर अब भी सुविधा और मांगों के लिए उन्हें पूर्वी चंपारण जाना पड़ता है। सैनिक संघ के कार्यकारिणी अध्यक्ष सूबेदार मोहम्मद हसनैन बताते हैं कि पश्चिमी चंपारण जिले में अभी तक जिला सैनिक कल्याण कार्यालय नहीं बन सका है। यूपी-नेपा...
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