बांदा, फरवरी 20 -- बांदा। कार्यालय संवाददाता। मंडल कारागार बांदा में दंपती को सजा ए मौत मिलने के बाद यहां चार दोषी मत्युदंड पाने वाले निरुद्ध हैं। चारों को पाक्सों की अदालत से फांसी की सजा सुनाई है। सबसे अहम बात यह है कि बांदा में फांसी घर की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में चारो दोषी यह मेरठ तक अंतिम सफर तय करेंगे। पाक्सों की अदालत ने लगातार फैसले सुना रही है। बांदा के इतिहास में पहली बार किसी दंपति को फांसी की सजा सुनाई गई है। दोषी रामभवन के बैरक तीन बी और वहीं उसकी पत्नी महिला बैरक 13 में निरूद्ध किया गया है। जेल जाने के बाद दंपति गुमशुम से रहे। जिनकी जेल प्रशासन ने काउंसलिंग कराई है। ------ छह माह में तीसरी बार फांसी की सजा - पाक्सो न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने छह माह के अंदर तीसरी बार ऐतिहासिक फैसला सुनाया हैं। इसमें तीन फैसलो में अब तक...