बांका, अप्रैल 25 -- बांका। निज प्रतिनिधि। बांका जिले को प्रकृति ने नदियों, वनों एवं पहाड व पठार की सौगात दी है। लेकिन यहां पहाड व पठार का बडा भू-भाग लोगों के लिए मर्म बन गया है। ये ऐसे इलाके हैं जहां भूगर्भ में जल ही नहीं है। इसको लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचइडी) की ओर से जिले के 12 पंचायतों को ड्राइजोन घोषित कर दिया गया है। इसमें बेलहर प्रखंड के 7 पंचायत एवं चांदन प्रखंड के 5 पंचायत शामिल हैं। जिसके दायरे में 60 गांव आते हैं। जहां सरफेस वाटर स्कीम के तहत हनुमाना (बडुआ) डेम से पेयजल की आपूर्ति की जानी है। सूबे में बांका के अलावे 12 जिलों में भी सरफेस वाटर स्कीम से पेयजल की आपूर्ति की जानी है। इसके लिए पीएचइडी की ओर से वित्तीय वर्ष 2023-24 में ही सरफेस वाटर स्कीम के प्रोजेक्ट को मंजूरी के लिए राज्य मुख्यालय भेजा गया था। लेकिन प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.