औरंगाबाद, जुलाई 4 -- अंबा, संवाद सूत्र। जिले में चार नए प्रखंडों के गठन का प्रस्ताव 20 साल बाद भी अधर में है। जिले में 11 प्रखंड और अंचल कार्यालय हैं। प्रत्येक प्रखंड में 20 से 25 पंचायतें हैं। बड़े क्षेत्रफल और बढ़ती आबादी से प्रशासनिक कार्यों में कठिनाई हो रही है। वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में चार नए प्रखंड बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। इनमें कुटुंबा का सिमरा बाजार, देव का बालूगंज बाजार, नवीनगर का टंडवा और माली शामिल हैं। इन स्थानों पर थाने पहले से कार्यरत हैं। फिर भी, 20 साल बाद भी ये प्रखंड अस्तित्व में नहीं आए। इस देरी से स्थानीय लोग और प्रशासन परेशान हैं। कई बार पंचायत समिति और जिला परिषद की बैठकों में इस मुद्दे पर प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा गया। इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं...
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