सीवान, जनवरी 19 -- सीवान, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों घोड़पड़ास यानी नीलगाय किसानों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। खेतों में लहलहाती फसलों पर घोड़पड़ासों के झुंड के झुंड टूट पड़ते हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो जा रही है। रबी और खरीफ दोनों मौसम की फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इससे किसान आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। किसानों का कहना है कि खासकर गेहूं, चना, सरसों, मक्का, अरहर, धान और सब्जी की फसलें घोड़पड़ासों का सबसे अधिक शिकार हो रही हैं। रात के समय ये जानवर खेतों में घुसकर फसलों को रौंद देते हैं और चर जाते हैं। कई गांवों में स्थिति यह है कि किसान रात-रात भर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, फिर भी फसलों को पूरी तरह बचा पाना संभव नहीं हो पा रहा है। ग्...
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