गया, फरवरी 11 -- जिले में करीब एक साल से विद्यालय के बच्चों की अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री ) बन रही है। केंद्र सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत सभी सरकारी या गैर सरकारी विद्यालयों के सभी बच्चों की बननी है। 13 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लगभग 40 फीसदी बच्चों की अपार जनेरेट नहीं हो सकी है। आधार के नहीं रहने और निजी विद्यालयों की शिथिलता के कारण यह हाल है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार 10 फरवरी तक जिले में 60 फीसदी बच्चों के ही अपार आईडी जेनरेट हो सकी है। ऐसी स्थिति को लेकर विभाग गंभीर है। विद्यालयों को बार-बार नोटिस दिए जाने के बाद भी सभी बच्चों की अपार आईडी नहीं बन पा रही है। अपार के लिए सबसे जरूरी आधार है। अब तक आठ लाख 30 हजार 852 में से करीब पांच लाख की जनेरेट हो सकी है आईडी जिले के यू डाइ...