महाराजगंज, जून 5 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। तकनीकी विकास से बदलती दुनिया में भले ही जिंदगी आसान हो गई है, लेकिन पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ रहा है। देश के अंतिम छोर इंडो-नेपाल बार्डर पर बसा महराजगंज जिला गोरखपुर-बस्ती मंडल के जिलों के हरियाली की तुलना में बेहद समृद्ध है। वनावरण 14.53 फीसदी है। वर्ष 2017 की तुलना में 0.07 फीसदी वनावरण बढ़ा भी है। पर, इससे इतराने की जरूरत नहीं है। हर हाथ को पौधरोपण की जरूरत है। क्योंकि जिस तरह गांव के बाग-बागीचे की हरियाली गायब हो रही है, समय रहते सुधार नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को विरासत में स्वस्थ्य पर्यावरण का संकट मिलेगा। इंडिया स्टेट आफ फारेस्ट रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक गोरखपुर-बस्ती मंडल के जिले में सर्वाधिक 14.53 फीसदी भूभाग हरियाली से ढका है। बस्ती में वनावरण 1.09 फीसदी, ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.