सीवान, जनवरी 21 -- अनीश पुरुषार्थी सीवान। जिले में कृषि को और अधिक टिकाऊ व पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जहां किसान आधुनिकता के साथ-साथ अपनी पारंपरिक जड़ों को भी सहेज रहे हैं। इस उद्देश्य के तहत जिले के चयनित 11 प्रखंडों में 1500 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरयू व सारण तटबंध के आस-पास के प्रखंडों में यह पहल विशेष रूप से देखी जा रही, जहां किसान अपनी जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए पारंपरिक तकनीकों का सहारा ले रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की लागत कम करना, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करना व रासायनिक मुक्त उपज प्राप्त करना है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। यहां किसान सरयू व सारण तटबंध के पास देसी खाद व पारंपरिक तरीकों जैसे कि देसी गेहूं व सरसों की खेती का उपयोग कर रहे है...