खगडि़या, जनवरी 4 -- खगड़िया, हिन्दुस्तान संवाददाता जिले का मालती नदी में बरसात के बाद अधिकांश हिस्सा सूख जाता है। बागमती नदी पर तटबंध बनने के बाद पिछले 70 साल से यह नदी बागमती से पूरी तरह से कट गई है। पहले इस नदी से बागमती का जुड़ाव रहने से सालोंभर पानी रहता था। नदी कलकल बहती थी। लोग रोजमर्रा के काम के अलावा आसपास के किसान नदी के पानी से सिंचाई भी करते थे। नदी के पानी से सिंचाई से खेतों में अच्छा खासा फसल का भी उत्पादन होता था। बागमती नदी की धारा से संपर्क कटने के बाद यह नदी अपनी अस्मिता खो दी है। अब यह एक धार का रूप ले लिया है। जिसके गड्ढे में बरसात का ही पानी कुछ महीनों तक जमा रहता है। इसके बाद अधिकांश हिस्से में पानी सूख जाता है। जिससे किसान अपनी खेतों का पटवन भी नहंी कर पाते हैं। कई जगहों पर नदी है अतिक्रमित: मालती नदी सदर प्रखंड अन्तर्...