बगहा, फरवरी 1 -- बेतिया, बेतिया प्रतिनिधि। जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास से जिले के लगभग 40 हजार मत्स्य पालकों और मछुआरों का तकदीर बदलेगी। फीश एफपीओ (मत्स्य पालक किसान उत्पादक संगठन) के निर्माण और उनको अनुदान मिलने से सहकारिता के क्षेत्र में रोजगार का सृजन होगा। पश्चिम चंपारण जिले में लगभग 4 हजार हेक्टेयर जलक्षेत्र है। इनका विकास मत्स्य पालक उत्पादक संगठन के द्वारा किए जाने से निजी क्षेत्र के मत्स्य पालकों के साथ-साथ परंपरागत मछुआरों को फायदा होगा। इसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से जिले में दूसरे प्रातों से आने वाली मछलियों की आवक कम होगी। उत्पादन और मांग की खाई पटेगी। पश्चिम चंपारण जिले में 18 प्रखंड मत्स्यजीबी सहयोग समितियां कार्यरत है। वहीं 1500 एकड़ में निजी क्षेत्रों में मत्स्य पालन होता है। बाजार की उपलब्धता और स्टार्टअप से मत्स्य...
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