कटिहार, जून 3 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि सोमवार की सुबह जैसे ही सूरज की किरणें फिजा में बिखरीं, कटिहार जिले के गांवों, टोलों और मोहल्लों की गलियों में बच्चों की हंसी और उल्लास की गूंज सुनाई देने लगी। स्कूलों से बाहर निकलकर जब शिक्षा टोलों तक पहुंची, तो वह उत्सव बन गई, सामुदायिक समर कैंप के रूप में। गर्मी की छुट्टियों को सार्थक बनाने के लिए शुरू हुए इस कैंप ने पहले ही दिन बच्चों, अभिभावकों और पूरे समाज को एक नई ऊर्जा से भर दिया। सीखने की आज़ादी, खेलने की आज़ादी, मुस्कुराने की आज़ादी कहीं बच्चे दीवारों पर रंगों से सपने उकेरते नजर आए, तो कहीं वे कहानी सुनाते-सुनते खुद पात्र बन बैठे। एक तरफ समूह गीतों की गूंज थी, तो दूसरी तरफ विज्ञान के सरल प्रयोगों से बच्चे 'सीखने को 'खोजने में बदल रहे थे। बरारी, मनीहारी, कदवा, फालका, हसनगंज, अमदाबाद, ...
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