मधुबनी, जनवरी 5 -- मधुबनी/बाबूबरही, हिटी। जिले की कमला, बलान, सोनी, सुगरवे, हनुमाना, धौरी, गागैन, झांकी प्रमुख नदियों के सूखने से रबी सीजन में सिंचाई संकट उत्पन्न हो गया है। नेपाल की तराई इलाके से होकर गंगा के मैदानी क्षेत्रों में प्रवाह होने वाले अन्य नदियों में पानी नहीं रहने से बाबूबरही,लदनियां, खुटौना, लौकही, घोघरडीहा, झंझारपुर और अंधराठाढ़ी प्रखंडों के बड़े आबादी वाले इलाकों में किसान परेशान हैं। जल संसाधन, लघु सिंचाई और कृषि विभागों के रिकॉर्ड के अनुसार रबी सीजन में करीब 80 प्रतिशत,यानी 12 हजार हेक्टेयर से अधिक भू-क्षेत्र में गेहूं,सरसों,दलहन और तिलहन की खेती हुई है। पर सिंचाई व्यवस्था चरमरा गई है। अशोक यादव,ध्रुव शर्मा, शत्रुघ्न तिवारी, विजय सिंह आदि किसानों का कहना है कि नदियों में वर्षों से गाद प्रबंधन नहीं होने के कारण नदियों और...
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