एटा, मई 14 -- शासनादेश के अनुसार डीएम प्रेमरंजन सिंह निर्देश पर उद्योग उपायुक्त प्रेमकांत ने बताया कि एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत प्रदेश सरकार ने पहले जिले के घुंघरू घंटी एवं अन्य पीतल उत्पाद को ओडीओपी में शामिल था। लेकिन अब जिले के चिकोरी उत्पादन को भी सरकार ने ओडीओपी में शामिल किया है। उद्योग उपायुक्त ने बताया कि जनपद एटा में चिकोरी उत्पादन के लिए उपयुक्त जलवायु एवं भूमि होने से किसानों ने इस फसल को व्यवसायिक खेती बनाया है। इसके चलते यह फसल जिले में बड़े पैमाने पर की जाती है। जिले में चिकोरी उद्योग के लिए आवश्यक कच्चेमाल की पर्याप्त उपलब्धता होने के कारण इस उद्योग के विकास व विस्तार को ध्यान में रखते हुए चिकोरी उत्पाद को ओडीओपी योजना में शामिल किया गया है। ताकि चिकोरी से जुडे उद्यमियों, निर्यातकों, व्यापारियों एवं किसानों को इसका सीध...
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