जौनपुर, जनवरी 17 -- नौपेड़वा, हिन्दुस्तान संवाद। बक्शा कृषि विज्ञान केंद्र पर शुक्रवार को इन सीटू फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत जिला स्तरीय जागरुकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि आचार्य नरेंद्र देव कृषि प्रौद्योगिकी तथा विज्ञान विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के निदेशक प्रसार डॉ. आरबी सिंह रहे। मुख्य अतिथि ने फीता काटकर किसानों की ओर से लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से न केवल उपजाऊ भूमि को नुकसान पहुंचता है बल्कि पर्यावरण और मानव जीवन पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। पराली के धुएं से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। सुपर सीडर जैसी मशीनों से कटाई और बुआई एक साथ करने पर लागत कम होती है और भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है। विशिष्ट अतिथि उप कृषि निदेशक विपिन...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.