संतकबीरनगर, नवम्बर 1 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के मगहर में महान सूफी संत कबीर दास की निर्वाण स्थली है। जो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इन्हीं के नाम पर संतकबीरनगर जिला बना है। जिला बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब कस्बे का विकास तेजी से होगा। कबीर का मगहर रोजगार, स्वास्थ्य व आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं से लैस होगा। लेकिन जिला बनने का 28 वर्ष का अम्बा अरसा बीत जाने के बाद भी लोग जरूरी चीजों से वंचित है। यूं कहें कि जिले के नाम पर कबीर के मगहर को कुछ नहीं मिला तो अतिश्याोक्ति नहीं होगी। बड़े-बड़े कार्यक्रमों में बड़ फक्र से लोग कहते हैं कि यह कबीर की धरती है। लेकिन कबीर की धरती के लोग रोजगार, स्वास्थ्य व आवागमन सुविधा से वंचित हैं। रोजगार के जो साधन थे वे भी बंद हो गए। कताई मिल बंद हो गई है। मगहर का गांधी आश्रम अं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.