गाजीपुर, जनवरी 27 -- गाजीपुर। गणतंत्र दिवस पर शहर के सिद्धेश्वर नगर कालोनी में एक सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलन के बाद मां सरस्वती वंदना से हुआ। दिनेश चंद्र शर्मा अपनी ओज पूर्ण कविता दोष किसका है बाद में तय करेंगे, पहले नाव को तूफान से बचाना है। सुनाकर खूब वाहवाही मिली। महाकाव्यकार कामेश्वर द्विवेदी ने जिन्होंने आंखों को तरेर कर देखा हमें, तार-तार कर डाले उसके गुमान को। सुनाकर खूब तालियां अर्जित किया। हास्य-व्यंग्य के ख्यातिप्राप्त कवि मधुरेश की कविता सांपों के मुखिया ने अपनी बस्ती में एलान किया, डसना मत नेता को किसी तुम वरना खुद मर जाओगे। श्रोताओं को सोचने के लिए मजबूर कर दी। बादशाह राही ने खूशी कि क्यों न करें इजहार, कह रही ये दरों दीवार, आज गणतंत्र दिवस है। ...
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