कानपुर, फरवरी 9 -- श्री बांके बिहारी जी परिवार समिति के तत्वावधान में मोतीझील में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा व्यास भागवत रत्न आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने भक्ति प्राप्ति के क्रम को विस्तार से समझाते हुए कहा कि श्रद्धा, शास्त्र श्रवण, रुचि, सेवा और रति-इन सोपानों से होकर ही सच्ची भक्ति की प्राप्ति होती है। युवाओं को माता-पिता की सेवा और देशभक्ति का संदेश देते हुए कहा कि मंदिरों में देवी मां को चुनरी अर्पित करने के साथ-साथ अपने माता-पिता का सम्मान और सेवा करना भी उतना ही आवश्यक है। जिनके माता-पिता प्रसन्न रहते हैं, उन पर प्रभु की विशेष कृपा बनी रहती है और वे जीवन में निरंतर प्रगति करते हैं। उन्होंने माता-पिता से भी आह्वान किया कि वे बच्चों में देशप्रेम और कर्तव्यबोध क...