मैनपुरी, जुलाई 21 -- अपने जिंदा होने के सबूत लेकर कई दिनों से भटक रहे पीड़ित को एसडीएम ने कुछ मिनटों में न्याय दिला दिया। अभिलेखों में लेखपाल की गलती से पीड़ित को मृतक दर्शा दिया गया। जब उसे इसकी जानकारी हुई तो वह जिंदा होने के प्रमाण लेकर तहसील पहुंच गया। एसडीएम के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करवाई और तहसीलदार के जरिए उसका नाम दर्ज करवा दिया और उसे खतौनी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसान को तत्काल न्याय मिला तो वह एसडीएम का आभार जताते हुए मुस्कुराकर बाहर लौटा। सोमवार को ग्र्राम चिलौसा निवासी राजपाल सिंह पुत्र नरेंद्र बहादुर सिंह एसडीएम संध्या शर्मा के पास पहुंचे और कहा कि वह जिंदा हैं लेकिन भूअभिलेखों में लेखपाल ने उन्हें मृत दर्शा दिया है। उसके बड़े भाई शिशुपाल सिंह की वर्ष 2019 में मौत हो गई थी। भाई की मौत होन...
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