नई दिल्ली, जुलाई 4 -- भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में अपनी ताकत को और मजबूत करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा सौदों को मंजूरी दी है। इन सौदों में जासूसी विमानों से लेकर एडवांस एंटी-माइन्स युद्धपोतों, क्विक रिएक्शन सतह-से-हवा मिसाइल प्रणालियों, और अर्ध-पनडुब्बी स्वायत्त पोतों तक कई घातक हथियार शामिल हैं। ये मंजूरियां रक्षा मंत्रालय की ओर से दी गई हैं और इनका उद्देश्य भारतीय सेनाओं की निगरानी, हमले और रक्षा क्षमताओं को बढ़ाना है। चीन और पाकिस्तान की बढ़ती समुद्री और हवाई चुनौतियों के जवाब में भारत की ओर से ये मंजूरी एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इसके अलावा, यह कदम भारत की रक्षा नीति में स्वदेशीकरण और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। मंजूर किए गए प्रमुख प्रोजेक्ट्स12 खदानरोधी युद्धपोत (MCMV) टाइम्स ऑफ इंडिय...
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