लखनऊ, फरवरी 19 -- केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर और लारी इमरजेंसी तक पहुंचने में मरीजों की सांसें फूल रही हैं। सड़क पर लगने वाले भीषण जाम ने मरीजों की जान जोखिम में डाल दी है। हालात यह हैं कि एम्बुलेंस सायरन बजाती रह जाती हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है। अतिक्रमण और अव्यवस्थित ट्रैफिक के चलते एम्बुलेंस समय पर इमरजेंसी तक नहीं पहुंच पा रहीं। ट्रॉमा सेंटर में रोजाना करीब 400 से अधिक गंभीर मरीज आ रहे हैं। जबकि लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग की इमरजेंसी में 150 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं। ट्रॉमा में हादसे में घायल व दूसरी गंभीर बीमारी में पीड़ित मरीज लाए जा रहे हैं। लारी में हार्ट अटैक और अन्य परेशानी से जूझ रहे मरीज शामिल होते हैं। ऐसे में कुछ मिनट की देरी इन मरीजों की जान पर भारी पड़ सकती है। अस्थायी अतिक्रमण व गाड़ियों ने बढ़ाई मुश्किलें ट्रॉमा व लारी...