फतेहपुर, दिसम्बर 2 -- फतेहपुर/खागा, संवाददाता। दोआबा में जानवरों के झोलाछाप डॉक्टरों की पौ बारह है। उनके ठाठ बाट किसी सरकारी डॉक्टर से कम नहीं हैं। हर विजिट में कम से कम पांच सौ रूपए आमदनी निश्चित होने से महीने में हजारों की कमाई थोड़ा बहुत पढ़े लिखे बेरोजगारों को जानवरों का झोलाछाप डॉक्टर बना रही है। बुखार से लेकर भयानक संक्रमण का इलाज इनके पास है। इससे पशुओं की जान का खतरा होने के साथ उनके प्रतिरोधी तंत्र में असर पड़ने की संभावना है। जिले के लगभग हर ब्लॉक में जानवरों के झोलाछाप डॉक्टरों का बोलबाला है। गांवों में डॉक्टर साहब के नाम से पुकारे जाने वाले यह झोलाछाप पशुपालकों के लिए आन कॉल हर समय उपलब्ध रहते हैं। बुखार, किलनी, वर्म जैसे सामान्य मामलों में दवाएं देने से ठीक होने वाले पशु इन झोलाछापों का गांव में इकबाल बुलंद कर देते हैं। यह खुद म...