नई दिल्ली, जून 20 -- तेजस्वी यादव,नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधानसभा यह बात पाठकों को पता ही है कि मैंने हाल ही में जाति-जनगणना के ईद-गिर्द हो रही बातचीत के संदर्भ में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पत्र के माध्यम से संपर्क किया था। संविधान की नौवीं अनुसूची में बढ़े हुए राज्य आरक्षण कोटा को शामिल करने की मेरी मांग पर मुख्यमंत्री की चुप्पी ने एक बार फिर सामाजिक न्याय के मुद्दों पर एनडीए की तथाकथित डबल इंजन सरकार के पाखंड को उजागर कर दिया है। उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। यह स्पष्ट रूप से गरीबों, शोषितों, और हाशिये पर पड़े लोगों के प्रति उनकी गहरी वैचारिक विपन्नता को दर्शाता है। दरअसल, राष्ट्रव्यापी जाति-जनगणना के संदर्भ में एनडीए की अनिच्छा राजनीतिक, वैचारिक और चुनावी गणनाओं के संयोजन में अंतर्निहित रही। भाजपा को यह मुद्दा असहज करता थ...