अरुण कुमार, मई 2 -- केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के देश भर में जाति जनगणना कराने के फैसले से बिहार का सियासी पारा गर्माया हुआ है। बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले सत्ताधारी और विपक्षी दलों के नेताओं में जाति जनगणना का श्रेय लूटने की होड़ मच गई है। मोदी सरकार की जाति जनगणना के फैसले की पहली परीक्षा बिहार में होगी। आगामी विधानसभा चुनाव में इसका जनता के बीच क्या असर रहेगा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को इसका फायदा मिलेगा या नहीं, यह इलेक्शन रिजल्ट आने के बाद साफ होगा। जाति जनगणना बिहार के नेताओं के लिए लंबे समय से मुद्दा रहा है। अगस्त 2021 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बीजेपी, जेडीयू, आरजेडी, लेफ्ट पार्टियां, हम, लोजपा, वीआ...
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