पौड़ी, जून 6 -- जय कंडोलिया पौड़ी महोत्सव की छठवीं सांस्कृतिक संध्या में प्रीतम भरतवाण के गढ़वाली जागर और गीतों पर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन हुआ। संध्या जाग जागर रूमा झुमा से संध्या का शुभारंभ हुआ। इसके बाद राम गंगा न्योला देवताओं शिव गंगा, शिवजी कैलाश रैदन, ऑपरेशन सिंदूर पर हम कुशल छौ मां दगड़ियों दगड़ी, गढ़वाली गीत ध्यानी बल बिलैती कैमरा, राज राजेश्वरी जोग माया वार्ता स्तुति, अंजली खरे और प्रीतम भरतवाण के युगल गीत सुना समदानी और बांद अमरावती, गढ़ समयाल, सरली मेरु जिया लगेगी गाकर दर्शकों की खूब ताली बटोरी। अंजली खरे ने मेरी देवी ज्वाल्पा सौंजसौ देई मिलाई गाकर युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया। संध्या में चक्रव्यूह जरासंध वध का मंचन बड़ा भावपूर्ण रहा। गोरिल कंडोलिया जागर से उन्होंने अपनी सांस्कृतिक संध्या का समापन किया। संगीत पक्ष में तबला ...
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