बांदा, नवम्बर 22 -- बांदा। संवाददाता फसल अवशेष प्रबंधन पराली, पुआल, पैरा, कूड़ा-करकट आदि फसल अपशिष्ट जलाये जाने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए जागरूकता वाहन रवाना किया गया। विकास भवन प्रांगण से मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक डा. अभय कुमार सिंह यादव द्वारा जनपद में पराली जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने किसान से कहा कि वह पराली न जलाएं, बल्कि उसे इन-सीटू कृषि यंत्रों का उपयोग कर कंपोस्ट बनाकर अपने खेतों में उपयोग कर अपनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाएं। पराली जलाने से मृदा में उपलब्ध लाभकारी जीवाणुओं की संख्या में कमी आती है। मानव स्वास्थ्य में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिससे श्वांस से सम्बन्धित बीमारियां बढ़ती हैं। शासन द्वारा पराली जलने की घटनाओं को रोकने हेतु सख्त कदम उठाये जा रहे है। इससे पर्य...