औरंगाबाद, फरवरी 7 -- विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में मदनपुर उच्च माध्यमिक प्लस टू प्रोजेक्ट जयप्रभा कन्या उच्च विद्यालय में शनिवार को कानूनी जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बाल विवाह निषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि कानूनी रूप से विवाह के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष पूरी होना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है, जिसके तहत 18 से 21 वर्ष आयु के पुरुष द्वारा बाल विवाह करने या बाल विवाह को बढ़ावा देने, आयोजित करने अथवा अनुमति देने वाले किसी भी व्यक्ति को दो वर्ष तक के कठोर कारावास और एक लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बाल विवाह रोकने के लिए बाल विवाह निषेध अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं तथा न्यायालय को बाल विवाह ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.