गिरडीह, मार्च 13 -- गांडेय। गांडेय प्रखंड के चंपापुर पंचायत के महेशमरवा गांव में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तहत जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित पैनल अधिवक्ता एवं पीएलवी ने ग्रामीणों को घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं स्पांसरशिप योजना की जानकारी दी। पैनल अधिवक्ता ने घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम 2005 की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के संरक्षण के लिए यह अधिनियम लाया गया है। इस अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाना तथा उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। घरेलू हिंसा के तहत प्रतिवादी के किसी कार्य, लोप या आचरण से है जिससे व्यथित महिला के स्वास्थ्य, सुरक्षा, जीवन या किसी अंग को हानि या नुकसान हो, इसमें शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न, लैंगिक...
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