बागेश्वर, फरवरी 7 -- बागेश्वर। संघर्ष वाहिनी द्वारा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत बैंकों पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि किसी भी पात्र आवेदक का ऋण अनावश्यक रूप से नहीं रोका गया। एक मामले में आवेदक का सिविल स्कोर निर्धारित मानक से कम था, जबकि दूसरे प्रकरण में इकाई आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं पाई गई, जिसके कारण ऋण स्वीकृत नहीं हो सका। जांच में बैंकिंग नियमों के पालन की पुष्टि हुई। प्रबंधक चंद्रमोहन रावत ने बताया कि सभी बैंकों को लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। जनपद में अब तक 450 के लक्ष्य के सापेक्ष 360 आवेदकों को ऋण वितरित किया जा चुका है।

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