मधुबनी, नवम्बर 5 -- मधुबनी। बरन काव्य संगम की आनलाइन गोष्ठी शुभ अंगना, प्रोफेसर्स कालोनी, मधुबनी में प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल की अध्यक्षता एवं संचालन कवयत्रिी अंजली किशोर 'कृति' द्वारा आयोजित की गई। काव्य गोष्ठी का आरंभ मां शारदे को समर्पित कवयत्रिी पूनम बरनवाल की रचना मां शारदे वर दे' से हुई जो गोष्ठी को आध्यात्मिक बना दिया। बंगलोर से वरष्ठि कवयत्रिी मंजुला बरनवाल 'बरन काव्य संगम साहत्यि सरिताओं में कविताओं का संगम' के उद्देश्य को चरितार्थ किया।, नवादा से ज्योति बरनवाल 'स्याही में लिखा प्यार', उखड़ा, प. बंगाल से मंजु बरनवाल जहां भी रहें सदा ख्याल रहे एक-दूजे का' उदात्त चत्ति रचना सराही गई। पटना से संतोष बरनवाल की हास्य रचना 'एक कवयत्रिी के पति' हास्य मय बनाया। जमुई से सोनी बरनवाल 'जन्दिगी का हस्सिा' जन्दिगी की वास्तविकता पर प्रकाश डाला। य...